COVID-19: मास्क कब और कैसे पहनना चाहिए? जानें इसके इस्तेमाल का सही तरीका.

मास्क किसी संक्रमण या प्रदूषण से बचाव का एक सामान्य साधन है। आपको याद होगा कि कुछ समय पहले जब दिल्ली में प्रदूषण की समस्या बढ़ गई थी, तब लोग उससे बचने के लिए मास्क पहनने लगे थे। वास्तव में कोई सामान्य मास्क आपकी सांस के साथ आपके शरीर में धूलकणों को अन्य बाहरी चीजों को जाने से रोकने के काम आ सकता है।

इसी तरह खांसी-जुकाम से पीड़ित कोई व्यक्ति यदि मास्क लगाता है तो उसके खांसने-छींकने के साथ मुंह-नाक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदें दूसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंचेंगी। इसलिए यदि आपको खांसी-जुकाम है तो मास्क अवश्य पहनें। ताकि संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिले।

जानिए के इस्तेमाल में ध्यान रखें येे बातें-
  • भीड़भाड़ वाली किसी भी जगह पर जाने के समय मास्क अवश्य पहनें।
  • कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज की
  • देखभाल कर रहे हैं तो मास्क लगाएं।
  • मास्क पहनने से पहले हाथ अच्छी तरह साफ करें। मुंह और नाक को मास्क से पूरी तरह से ढंकें।
  • मास्क पहनते समय मुंह और नाक के पास कोई गैप न रखें। मास्क पहनने के बाद इसे हाथों से न छूएं।
  • यदि मास्क छू लिया है तो हाथों को तुरंत साफ करें। एक मास्क इस्तेमाल करने के बाद दोबारा इस्तेमाल न करें।
  • मास्क को बार-बार न छूएं। उसको गले में न लटकाएं।
  • यदि आप स्वस्थ हैं तो मास्क का इस्तेमाल करने से बचें।
  • अगर मास्क गीला हो जाए तो 6 घंटे के अंदर बदल दें।
  • मास्क को कभी भी बाहर की ओर से हाथ न लगाएं।
  • मास्क को पीछे से उतारे और उसे डस्टबीन में ही डालें।
  • मास्क उतारने के बाद अपने हाथों को जरूर सैनिटाइज करें।
  • हम अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या करें?
  • इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विभिन्न डॉक्टरों ने कुछ बातें सुझाई हैं :
  • घर की छत पर या बालकनी में धूप के वक्त कुछ समय जरूर बिताएं। धूप हमारे शरीर में मौजूद संक्रमण से लड़ने में मदद करनेवाली टी-कोशिकाओं को ऊर्जा देती है।
  • ध्यान से दिमाग शांत रहता है और खुशी बढ़ती है। तनाव से मुक्ति शरीर को मजूबती देती है। इससे प्रतिरोधक कोशिकाओं को वायरस प्रभावित अंगों को पहचानने और वायरस पर वार करने में मदद मिलती है।
  • कई अध्ययनों के मुताबिक, नियमित कसरत करने से खांसी-जुकाम होने का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। कसरत से प्रतिरोध प्रणाली मजबूत होती है।
  • अच्छी नींद हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बेहद मददगार है।