कोरोना वायरस की दवा खोजने में WHO का साथ दे सकता है भारत

 

कोरोना वायरस के उपचार की दवा विकसित करने के लिए भारत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ साझा परीक्षण प्रक्रिया में भागीदारी कर सकता है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की महामारी एवं संक्रामक रोग इकाई के प्रमुख डॉ. रमन आर गंगाखेडकर ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत शीघ्र ही डब्ल्यूएचओ की दवा परीक्षण प्रक्रिया में शामिल हो सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने देश में संक्रमण के परीक्षण और इलाज के लिए जुटाए जा रहे संसाधनों के बारे में जानकारी दी। 

अग्रवाल ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के एक उपक्रम को 10 हजार वेंटीलेटर की आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि देश में जरूरी उपकरणों की कमी को दूर करने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को अगले एक दो महीने के भीतर 30 हजार अतिरिक्त वेंटिलेटर की खरीद सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पैदल पलायन रोकने के निर्देश |

दिल्ली सहित अन्य महानगरों से प्रवासी मजदूरों के अपने गृह राज्यों के लिए पैदल ही पलायन करने के बारे में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि इस स्थिति को रोकने के लिए  निर्देश दिए गए हैं। संबद्ध राज्य सरकारों से प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन और आश्रय के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है, ताकि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित रह सकें। श्रीवास्तव ने कहा कि लॉकडाउन का मकसद लोगों का आवागमन रोककर जो जहां है, उसे वहीं सुरक्षित रखना है।